दुमका। पारा शिक्षक नहीं होते तो राज्य की शिक्षा व्यवस्था आगे नहीं बढ़ पाती। उक्त बातें बासुकीनाथ पूजा करने के बाद शक्षक संघ भवन में शिक्षा मंत्री
नीरा यादव ने कही। शिक्षाविद समाजसेवी स्व भुवनेश्वर मांझी की
प्रतिमा का
अनावरण समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि सूबे में
शिक्षकों की व्यापक कमी है। शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया कई कारणों से पिछले
16-17 वर्षों में पूरी नहीं हो पा रही थी। लेकिन बहुमत की सरकार आने के बाद
शिक्षक नियुक्ति की प्रक्रिया में तेजी आयी है।
नीरा यादव ने कहा कि बच्चों का भविष्य
निखारना है तो शिक्षकों का सम्मान करना बेहद जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों
को भी कहा कि दुनिया में आना और जाना सुनिश्चित है। लेकिन कुछ काम ऐसा करके
जाना चाहिए, जिससे लोग याद रख सकें।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक कभी
सेवानिवृत नहीं होते, यदि सेवानिवृत्ति के बाद भी शारीरिक और मानसिक रूप से
सक्षम है तो शिक्षा का दान अवश्य करें। इससे बच्चों का भविष्य और देश की
बुनियाद मजबूत होगी।
इस मौके पर पूर्व राज्यसभा सदस्य अभयकांत प्रसाद, चक्रधर यादव, बजरंगी यादव, जगन्नाथ पंजियारा आदि उपस्थित थे।