शिक्षकों की कमी के कारण उत्क्रमित उच्च विद्यालय रुपायडीह में पठन-पाठन
प्रभावित है। विद्यालय में अध्ययनरत 357 विद्यार्थियों की शिक्षा महज चार
शिक्षकों के भरोसे चल रहा है।
विद्यालय में वर्ग 1-10 तक की कक्षाएं चलती
है। विद्यालय को वर्ष 2010 में उत्क्रमित कर उच्च विद्यालय का दर्जा दे
दिया गया, किंतु एक भी अतिरिक्त शिक्षक की नियुक्ति अथवा प्रतिनियुक्ति
नहीं की गई है। यहां दो पारा शिक्षक और दो सरकारी शिक्षक है।
दशम के छात्र अनूप राणा ने बताया कि इस वर्ष मैट्रिक परीक्षा में शामिल
हुए हैं, परंतु शिक्षक के अभाव में विषयवार तैयारी बेहतर तरीके से नहीं हो
सकी। विद्यालय में शिक्षक के कमी के कारण हम ट्यूशन पढ़ने को विवश है। वही
प्रेम सिंह ने बताया कि गणित, विज्ञान, अंग्रेजी का एक भी शिक्षक नहीं
होने के कारण परेशानी हो रही है। जिससे मैट्रिक की तैयारी करने में काफी
कठिनाई हो रही है। छात्रा नेहा कुमारी और आरती कुमारी ने बताया कि शिक्षक
के अभाव में मात्र 2 से 3 घंटे ही पढ़ाई हो पाती है। शेष समय विद्यालय में
खुद से पढ़ाई करते है। इस संबंध में प्रधानाध्यापिका गीता कुमारी ने बताया
कि उच्च विद्यालय के लिए एक भी शिक्षक विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त नहीं की
गई है।
प्राथमिक व मध्य विद्यालय के शिक्षक पर उच्च विद्यालय के छात्र
छात्राएं निर्भर है। उन्होंने बताया कि उच्च विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई के
लिए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की मांग की गई, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हो
पाया। जिप सदस्य मुनिया देवी व स्थानीय मुखिया देवकी देवी ने बताया कि
उच्च विद्यालय के लिए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति को लेकर उपायुक्त सहित
मुख्यमंत्री को मांग पत्र सौंपा गया है, परंतु सरकार छात्राओं के भविष्य के
प्रति गंभीर नहीं है।