एक ओर देश भर के केंद्रीय विश्वविद्यालय और दूसरे राज्य के विवि में कार्यरत शिक्षकों को सातवां वेतनमान मिल रहा है।
वहीं झारखंड के विवि में बहाल शिक्षकों को वर्ष 2018 में छठा वेतनमान
का बकाया का तीसरा किस्त देने की योजना है। वहीं वर्ष 2008 में बहाल
शिक्षकों को दूसरा और तीसरा किस्त नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार इन्हें
यह किस्त देने की योजना नहीं है। उक्त बातें विभावि क्षेत्रीय कार्यालय के
निदेशक डॉ एनके अंबष्ट ने प्रेस वार्ता कर बताया। उन्होंने बताया कि केंद्र
सरकार की ओर से शिक्षकों का एरियर नहीं देने राज्य के शिक्षकों का अपमान
है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2008 में बहाल शिक्षकों को भी दूसरा और तीसरा
किस्त मिलना चाहिए। वह इसकी लड़ाई लड़ेंगे। इसके लिए विनोबा भावे विवि
शिक्षक संघ से भी आह्वान किया गया है। डॉ अंबष्ट ने बताया कि 23 फरवरी को
इस संबंध में कुलपति से वार्ता है। इसमें ज्यादा से ज्यादा शिक्षक हजारीबाग
पहुंच कर कुलपति के समक्ष अपनी मांगों को रखेंगे। डॉ इंद्रजीत कुमार और डॉ
सरिता श्रीवास्तव थीं।