धनबाद : मध्य विद्यालयों में स्नातक प्रशिक्षित ग्रेड-4 के विभिन्न
रिक्त पदों पर शिक्षकों की प्रोन्नति लंबे समय से लंबित है। कुल 420 पदों
पर प्रोन्नति हेतु 1103 शिक्षकों की वरीयता सूची आरडीडीई की ओर से छह माह
पूर्व ही अनुमोदित की जा चुकी है।
शिक्षक संघ की मांग पर जिला शिक्षा अधीक्षक ने बैकलॉग और रोस्टर क्लीयर करने के लिए प्रधान लिपिक विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में कमेटी बनाई है। इनके सहयोग के लिए पांच वरीय शिक्षकों सह सांगठनिक पदाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है। इनमें अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय कुमार, महासचिव नंद किशोर सिंह, प्रदेश संयुक्त सचिव अनिल कुमार, झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव नेहरू हेम्ब्रम और झारखंड अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय शामिल हैं। ये सागठनिक पदाधिकारी अपने स्कूलों में कार्य करने के बाद दोपहर तीन बजे से डीएसई कार्यालय में सहयोग कर बैकलॉग समेत त्रुटियों निष्पादन कराएंगे।
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श्रेय लेने की होड़
त्रुटि दूर कर प्रोन्नति के डीएसई ने कमेटी तो बना दी। लेकिन इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि उनकी मांग की वजह से डीएसई ने यह निर्णय लिया तो झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि उनके संगठन की वजह से यह सब संभव हो पाया है। दोनों संगठनों ने अलग-अलग बयान जारी कर डीएसई को बधाई दी है।
शिक्षक संघ की मांग पर जिला शिक्षा अधीक्षक ने बैकलॉग और रोस्टर क्लीयर करने के लिए प्रधान लिपिक विजय कुमार सिन्हा के नेतृत्व में कमेटी बनाई है। इनके सहयोग के लिए पांच वरीय शिक्षकों सह सांगठनिक पदाधिकारियों को प्राधिकृत किया गया है। इनमें अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय कुमार, महासचिव नंद किशोर सिंह, प्रदेश संयुक्त सचिव अनिल कुमार, झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रधान सचिव नेहरू हेम्ब्रम और झारखंड अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आदित्य उपाध्याय शामिल हैं। ये सागठनिक पदाधिकारी अपने स्कूलों में कार्य करने के बाद दोपहर तीन बजे से डीएसई कार्यालय में सहयोग कर बैकलॉग समेत त्रुटियों निष्पादन कराएंगे।
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श्रेय लेने की होड़
त्रुटि दूर कर प्रोन्नति के डीएसई ने कमेटी तो बना दी। लेकिन इसका श्रेय लेने की होड़ मच गई। अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि उनकी मांग की वजह से डीएसई ने यह निर्णय लिया तो झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि उनके संगठन की वजह से यह सब संभव हो पाया है। दोनों संगठनों ने अलग-अलग बयान जारी कर डीएसई को बधाई दी है।