आशीष सिंह, धनबाद। झारखंड के सरकारी और निजी स्कूलों के अप्रशिक्षित
शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक हर हाल में डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री
एजुकेशन) प्रशिक्षण प्राप्त कर लेना है। इस तिथि के बाद कोई भी अप्रशिक्षित
शिक्षक स्कूलों में पढ़ाने योग्य नहीं रहेंगे।
प्रशिक्षण के लिए 30 सितंबर तक एनआइओएस पर अप्रशिक्षित शिक्षकों को रजिस्ट्रेशन कराना है। इस नामांकन में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।
आंकड़ों के अनुसार राज्य के निजी स्कूलों में 6875 अप्रशिक्षित शिक्षक हैं, जिन्हें रजिस्ट्रेशन कराना है, लेकिन 20 सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार पूरे सूबे में 40585 अप्रशिक्षित शिक्षक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भी कम नहीं हैं। यहां भी लक्ष्य 701 निर्धारित है, लेकिन अभी तक 2576 अप्रशिक्षित सरकारी शिक्षक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को मिलाकर सूबे में 27708 अप्रशिक्षित शिक्षकों के नामांकन का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक 52937 अप्रशिक्षित शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन एनआइओएस पर हो चुका है।
रुपये लेकर बनाए जा रहे फर्जी शिक्षक
निजी स्कूलों में सबसे अधिक अप्रशिक्षित शिक्षक हैं और यहीं सबसे अधिक फर्जीवाड़ा भी हो रहा है। सूत्रों की मानें तो स्कूल अपने यहां से ऐसे लोगों का भी रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं जो उनके यहां शिक्षक कभी थे ही नहीं। इससे स्कूल अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं। दस हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक एनआइओएस में नामांकन के लिए वसूले जा रहे हैं। बाहरी से अपने स्कूल के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तो पैसे लिए ही जा रहे हैं कई स्कूल ऐसे भी हैं जो अपने ही स्कूल के शिक्षकों से यह राशि वसूल रहे हैं।
प्रशिक्षण के लिए 30 सितंबर तक एनआइओएस पर अप्रशिक्षित शिक्षकों को रजिस्ट्रेशन कराना है। इस नामांकन में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आ रहा है।
आंकड़ों के अनुसार राज्य के निजी स्कूलों में 6875 अप्रशिक्षित शिक्षक हैं, जिन्हें रजिस्ट्रेशन कराना है, लेकिन 20 सितंबर तक की रिपोर्ट के अनुसार पूरे सूबे में 40585 अप्रशिक्षित शिक्षक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल भी कम नहीं हैं। यहां भी लक्ष्य 701 निर्धारित है, लेकिन अभी तक 2576 अप्रशिक्षित सरकारी शिक्षक रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को मिलाकर सूबे में 27708 अप्रशिक्षित शिक्षकों के नामांकन का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन अब तक 52937 अप्रशिक्षित शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन एनआइओएस पर हो चुका है।
रुपये लेकर बनाए जा रहे फर्जी शिक्षक
निजी स्कूलों में सबसे अधिक अप्रशिक्षित शिक्षक हैं और यहीं सबसे अधिक फर्जीवाड़ा भी हो रहा है। सूत्रों की मानें तो स्कूल अपने यहां से ऐसे लोगों का भी रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं जो उनके यहां शिक्षक कभी थे ही नहीं। इससे स्कूल अच्छी खासी कमाई भी कर रहे हैं। दस हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक एनआइओएस में नामांकन के लिए वसूले जा रहे हैं। बाहरी से अपने स्कूल के जरिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तो पैसे लिए ही जा रहे हैं कई स्कूल ऐसे भी हैं जो अपने ही स्कूल के शिक्षकों से यह राशि वसूल रहे हैं।