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स्कूल टाइम में विद्यालय नहीं छोड़ेंगे गुरुजी

देवघर : प्रारंभिक विद्यालयों की तरह अब माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों का समय भी सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक कर दिया गया है। पूर्व में यह समय सुबह दस से शाम चार बजे था।
ऐसे में विभिन्न कार्यों के निष्पादन के लिए शिक्षकों को डीएसई व डीईओ कार्यालय सहित अन्य कार्यालय विद्यालय अवधि में ही जाते थे। लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा। अब विद्यालय अवधि में शिक्षकों को विद्यालय में ही रहना है। स्कूल टाइम में अगर कोई शिक्षक किसी कार्यालय या अन्य स्थानों पर दिख गए तो उनपर कार्रवाई तय है। किसी तरह के कार्य का निष्पादन के लिए उन्हें दो बजे के बाद ही विद्यालय से निकलना है।
डीसी को मिला व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव अराधना पटनायक ने उपायुक्त को पत्र निर्गत कर इसकी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उपायुक्त को निर्गत पत्र में सचिव का कहना है कि प्रारंभिक विद्यालयों की भांति माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी पठन-पाठन का समय सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक कर दिया गया है। राज्य सरकार शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए प्रयत्नशील है। शैक्षणिक स्तर में सुधार लाने का दायित्व मूलरूप से शिक्षकों के कंधों पर है। प्राय: ऐसा सुनने को मिल रहा है कि संकुल, प्रखंड व जिलास्तरीय कार्यालय के कार्य करने अथवा अन्य गैर शैक्षणिक कार्य के लिए शिक्षक विद्यालय कार्यअवधि में विद्यालय से बाहर रहते हैं। इसका पठन-पाठन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रारंभिक, माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालय के लिए निर्धारित कार्यवधि सुबह आठ से अपराह्न दो बजे तक प्रधानाध्यापक व शिक्षक विद्यालय में ही रहकर अपने शिक्षण कार्यों का निष्पादन करें।
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शिक्षा सचिव के निर्देश का अनुपालन हो रहा है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक शिक्षकों को विद्यालय में ही रहकर अध्यापन कार्य करना है। अगर बहुत जरूरी कार्य है तभी वह कार्यालय जाएं और वह भी दोपहर दो बजे के बाद। इसका अनुपालन नहीं करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

अशोक कुमार शर्मा, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, दुमका। 

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