भास्करन्यूज| चंपुआ पारा शिक्षकों को पिछले 6 माह से मानदेय नहीं मिला है। डायरेक्ट बैंक
ट्रांस्फर (डीबीटी) से मानदेय भुगतान शुरू होने के बाद तो समस्या और बढ़ गई
है।
मानदेय भुगतान में भारी विसंगती है। उक्त बातें पारा शिक्षक संघ के जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र केराई ने कही। उन्होंने कहा कि जनवरी का मानदेय डीबीटी के माध्यम से हुआ है। इसमें बढ़ा हुआ दस प्रतिशत मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। फरवरी-मार्च का मानदेय भुगतान आधे शिक्षकों को ही हो सका है, जबकि आधे शिक्षकों का मानदेय फंड कम होने की बात कह कर लटका दिया गया है। फरवरी और मार्च का मानदेय बीआरसी से हुआ है। अप्रैल और मई का मानदेय भुगतान डीबीटी के माध्यम से हुआ है। इसमें आधे शिक्षकों को मात्र अप्रैल का मानदेय दिया गया है। आधे को अप्रैल-मई दोनों माह का तो एकाध का दोनों माह का बकाया रह गया है। इस प्रकार मानदेय भुगतान में भारी विसंगती होने से पारा शिक्षकों मे रोष है। उन्होंने विभाग से इस विसंगती को दूर कर सबों का कुल बकाया हिसाब कर भुगतान करने की मांग की है।
मानदेय भुगतान में भारी विसंगती है। उक्त बातें पारा शिक्षक संघ के जगन्नाथपुर प्रखंड अध्यक्ष वीरेंद्र केराई ने कही। उन्होंने कहा कि जनवरी का मानदेय डीबीटी के माध्यम से हुआ है। इसमें बढ़ा हुआ दस प्रतिशत मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है। फरवरी-मार्च का मानदेय भुगतान आधे शिक्षकों को ही हो सका है, जबकि आधे शिक्षकों का मानदेय फंड कम होने की बात कह कर लटका दिया गया है। फरवरी और मार्च का मानदेय बीआरसी से हुआ है। अप्रैल और मई का मानदेय भुगतान डीबीटी के माध्यम से हुआ है। इसमें आधे शिक्षकों को मात्र अप्रैल का मानदेय दिया गया है। आधे को अप्रैल-मई दोनों माह का तो एकाध का दोनों माह का बकाया रह गया है। इस प्रकार मानदेय भुगतान में भारी विसंगती होने से पारा शिक्षकों मे रोष है। उन्होंने विभाग से इस विसंगती को दूर कर सबों का कुल बकाया हिसाब कर भुगतान करने की मांग की है।