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वीडियो कान्फ्रेंसिंग में मुख्य सचिव ने दिया राज्य के सभी डीएसई को निर्देश

कस्तूरबागांधी आवासीय विद्यालय से 12वीं की परीक्षा पास कर चुकी वैसे छात्राएं जिनका अंक कम होने के वजह से कॉलेजों में नामांकन नहीं हो पा रहा है।
उनके लिए झारखंड सरकार जल्द ही हुनर पोर्टल शुरू करने जा रही है। कम अंक अथवा स्नातक के जगह रोजगार परख वोकेशनल ट्रेनिंग की इच्छा रखने वाले छात्राएं इस हुनर पोर्टल में अपना पंजीयन करवा सकती है। हुनर पोर्टल में पंजीकृत छात्राओं के लिए समय- समय पर अलग- अलग विषयों पर छात्राओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। ताकि छात्राएं संबंधित ट्रेनिंग से जुड़ा हुआ रोजगार कर सके। उक्त जानकारी बुधवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने दी। उन्होंने सभी डीएसई को इस दिशा में काम शुरू करने का निर्देश दिया। वीडियो कान्फ्रेंसिंग में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की सचिव आराधना पटनायक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार उपस्थित थे। वहीं धनबाद से डीईओ डॉ माधुरी कुमारी और डीएसई बिनीत कुमार उपस्थित थे।

सीएस ने कहा कि लर्निंग असेस्मेंट के लिए सितंबर माह में शिक्षकों की परीक्षा होगी। इसके माध्यम से इस बात की जांच की जाएगी कि शिक्षकों ने स्कूल में क्या पढ़ाया और बच्चे उनसे क्या सीखे।

सीएस ने कहा कि जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है। उन विद्यालय के सीआरपी की जिम्मेवारी होगी कि वे संबंधित संकुल में रहने वाले सेवानिवृत्त शिक्षक, बैंक कर्मी समेत अन्य लोगों से नि:शुल्क सेवा लेंगे।

सीएस ने बताया कि प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को आयोजित स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में मुखिया का शामिल होना अनिवार्य है। मुखिया को बैठक की सूचना देने और बैठक में शामिल करवाने की जिम्मेवारी संबंधित संकुल के सीआरपी और प्रखंड के बीआरपी की होगी। सीएस ने कहा कि लगातार दो बैठक में उपस्थित नहीं होने वाले मुखिया का वित्तीय अधिकार छीनते हुए उप मुखिया को दे दिया जाएगा। बैठक में भी उप मुखिया को ही शामिल किया जाएगा। जिस विद्यालय के एसएमसी के बैठक में मुखिया शामिल नहीं होंगे उस संकुल के सीआरपी को शोकॉज किया जाएगा।

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