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273 बच्चों पर मात्र तीन शिक्षक

लातेहार : शिक्षा में गुणात्मक सुधार करने का दावा करने वाली सरकार के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा नहीं किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में तो शिक्षक पहुंचते ही नहीं हैं। कहीं पर तो विद्यार्थियों के अनुरूप शिक्षकों की पदास्थापना नहीं की जा रही है। ऐसा ही मामला लातेहार जिले के डेमू पंचायत अंतर्गत कुदाग गांव में सामने आया है।
राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय मे तीन शिक्षकों के भरोसे 273 विद्यार्थियों का भविष्य है। विद्यालय में कक्षा एक से कक्षा आठ तक की पढ़ाई होती है। इन्हें पढ़ाने के लिए मात्र तीन शिक्षक हैं। विद्यालय में एक सरकारी शिक्षक व दो पारा शिक्षक की प्रतिनियुक्ति की गई है। इसमें सरकारी शिक्षक सकेंद्र उरांव, पारा शिक्षक ईश्वरी ¨सह व राकेश कुमार मिश्रा बच्चों को पढ़ाते हैं। स्थानीय ग्रामीण अशोक ¨सह, मुनेश्वर ¨सह, रेखा देवी, सुनीता देवी, मनोज ¨सह, ¨चता देवी व आरती देवी ने बताया कि गांव में 150 घर में लगभग 500 लोग निवास करते हैं। इस गांव के सभी बच्चे विद्यालय में पढ़ाई करते हैं लेकिन शिक्षक की कमी के कारण बच्चों का भविष्य अंधकार में चला गया है। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन से लेकर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों तक से विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्त करने की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। मजबूर होकर ग्रामीण अपने बच्चों का का नामांकन दूसरे निजी विद्यालय में करवा रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों को थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मैंने विभाग को इसकी जानकारी दे दी है।
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पूरे राज्य में शिक्षकों की कमी है। सरकार को लातेहार जिले में शिक्षकों की कमी के बारे में अवगत कराया गया है। बहुत जल्द समस्या को दूर कर लिया जाएगा।

-मसूदी टूडू, जिला शिक्षा अधीक्षक, लातेहार

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