सारठ (देवघर) : डाक बंगला परिसर में मुखिया जयकुमार ¨सह की अध्यक्षता
में मुखिया संघ की बैठक हुई। सर्वप्रथम केनमनकाठी के मुखिया अमरनाथ दास पर
जानलेवा हमला की ¨नदा करते हुए आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग
की गई।
26 मई को प्रखंड परिसर में प्रखंड कार्यालय निर्माण शिलान्यास कार्यक्रम में मुखिया को आंमत्रित नहीं करने पर विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि शिलान्यास, उद्घाटन व सरकारी परिसंपत्ति वितरण में मुखिया को सूचना भी नहीं दी जाती है। जबकि सरकार का सख्त निर्देश है कि ऐसे किसी भी कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आंमत्रित करना है। इसको लेकर प्रशासन से किसी भी सरकारी कार्यक्रम की सूचना देने की मांग की गई।
कहा कि प्राथमिक व पारा शिक्षकों के अनुपस्थिति में मुखिया के हस्ताक्षर के बिना ही मानदेय का भुगतान कर दिया जाता है। विभाग इसपर अमल नहीं किया तो इसकी शिकायत सरकार से की जाएगी। प्राथमिक व पारा शिक्षक मुखिया से बिना अनुमति लिए अवकाश पर चले जाते हैं। जल सहिया द्वारा खर्च की गई राशि की जानकारी भी मुखिया को नहीं दी जा रही है। एक वर्ष बीतने के बाद भी पीडीएस के लिए स्थानीय कमेटी नहीं बनाई गई है। इस कारण वितरण व स्टॉक निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा है। प्रखंड स्तर पर सिचाई कूप, शेड आदि योजनाओं की स्वीकृति 2017-18 में नहीं हुई है ऐसे में मनरेगा मजदूरों को काम देने में काफी परेशानी हो रही है। संघ ने प्रखंड प्रशासन से जल्द से जल्द योजनाओं की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। मौके पर मुखिया संघ के सचिव मो. जर्जीस, अनिल राव, अब्दुल मियां, जयदेव महरा, महेन्द्र ¨सह, दिलीप भोक्ता, श्याम बाउरी समेत अन्य मौजूद थे।
26 मई को प्रखंड परिसर में प्रखंड कार्यालय निर्माण शिलान्यास कार्यक्रम में मुखिया को आंमत्रित नहीं करने पर विरोध जताते हुए उन्होंने कहा कि शिलान्यास, उद्घाटन व सरकारी परिसंपत्ति वितरण में मुखिया को सूचना भी नहीं दी जाती है। जबकि सरकार का सख्त निर्देश है कि ऐसे किसी भी कार्य में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आंमत्रित करना है। इसको लेकर प्रशासन से किसी भी सरकारी कार्यक्रम की सूचना देने की मांग की गई।
कहा कि प्राथमिक व पारा शिक्षकों के अनुपस्थिति में मुखिया के हस्ताक्षर के बिना ही मानदेय का भुगतान कर दिया जाता है। विभाग इसपर अमल नहीं किया तो इसकी शिकायत सरकार से की जाएगी। प्राथमिक व पारा शिक्षक मुखिया से बिना अनुमति लिए अवकाश पर चले जाते हैं। जल सहिया द्वारा खर्च की गई राशि की जानकारी भी मुखिया को नहीं दी जा रही है। एक वर्ष बीतने के बाद भी पीडीएस के लिए स्थानीय कमेटी नहीं बनाई गई है। इस कारण वितरण व स्टॉक निरीक्षण भी नहीं किया जा रहा है। प्रखंड स्तर पर सिचाई कूप, शेड आदि योजनाओं की स्वीकृति 2017-18 में नहीं हुई है ऐसे में मनरेगा मजदूरों को काम देने में काफी परेशानी हो रही है। संघ ने प्रखंड प्रशासन से जल्द से जल्द योजनाओं की स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। मौके पर मुखिया संघ के सचिव मो. जर्जीस, अनिल राव, अब्दुल मियां, जयदेव महरा, महेन्द्र ¨सह, दिलीप भोक्ता, श्याम बाउरी समेत अन्य मौजूद थे।