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स्कूलों में शिक्षकों की कमी के बावजूद बेहतर रिजल्ट आया

झारखंडएकेडमिक काउंसिल (जैक) ने मंगलवार को मैट्रिक इंटर के रिजल्ट की घोषणा कर दी। इसमें अनुमंडल के दो विद्यार्थियों ने पूरे कोल्हान में अपनी प्रतिभा का परचम पूरे कोल्हान में लहराया।
मुसाबनी विद्यामंदिर के मैट्रिक के परीक्षार्थी घाटशिला के काडाडूबा निवासी भवतोष पाल ने 93.6 फीसदी अंक के साथ कोल्हान में टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। डुमरिया के करणसाई गांव की स्मिता पति 467 अंक यानी 93.40 प्रतिशत लाकर कोल्हान की द्वितीय टॉपर रही। मंगलवार की शाम 3.30 बजे मैट्रिक का रिजल्ट घोषित होते ही विद्यार्थी अपना रिजल्ट जानने के लिए साइबर कैफे की ओर दौड़ लगाने लगे। मैट्रिक की परीक्षा में मुसाबनी सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र भवतोष पाल 93.6 प्रतिशत अंक लाकर सिर्फ घाटशिला अनुमंडल बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल का टॉपर बनने का गौरव हासिल किया।

वहीं अनुमंडल में दूसरे स्थान पर रही अष्टकोशी स्कूल भालुकपातड़ा की छात्रा स्मिता पति जिसे 93.4 प्रतिशत अंक मिला। मॉडल स्कूल डुमरिया के प्रवीण कुमार महतो 92.6 प्रतिशत अंक के साथ अनुमंडल में तीसरे स्थान पर रहा। चौथे स्थान पर रहे लोयोला स्कूल चोईरा के छात्र अजय मांडी को 92.2 प्रतिशत अंक मिला। अनुमंडल में पांचवें स्थान पर रही मॉडल स्कूल घाटशिला की छात्रा सेफाली दलाई को 92 प्रतिशत अंक मिला।

मारवाड़ीहिन्दी उच्च विद्यालय घाटशिला में 15 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से पास

मारवाड़ीहिन्दी उच्च विद्यालय में कुल 47 विद्यार्थियों ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। प्रथम श्रेणी में 15 विद्यार्थी, द्वितीय श्रेणी में 16 विद्यार्थी और तृतीय श्रेणी में 2 विद्यार्थी पास हुए। 47 में 33 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की। सर्वाधिक अंक लाने वाले छात्र बने जफ्फार अहमद, जिन्हें 402 अंक यानी 80.4 प्रतिशत अंक मिला। दूसरे स्थान पर रहे अमर कुमार को 365 अंक यानी 73 प्रतिशत अंक मिला।

तीसरे स्थान पर अजय मुंडा ने 364 यानी 72.8 प्रतिशत अंक पाए। चौथे स्थान पर बारियार हेम्ब्रम ने 363 यानी 72.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। पांचवे स्थान पर प्रषेनजीत मुंडा ने 340 अंक यानी 68 प्रतिशत अंक पाए। छठे स्थान पर कृष्णा दास ने 338 यानी 67.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। सातवें स्थान पर नेहा खातून ने 323 यानी 64.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। आठवें स्थान पर लासो सोरेन ने 320 यानी 64 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। नौवें स्थान पर मेघा कुमारी राय ने 313 यानी 62.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। दसवें स्थान पर सिकंदर मुंडा ने 308 यानी 61.6 प्रतिशत अंक प्राप्त किया।

मॉडलस्कूल धालभूमगढ़ के 21 में से 20 विद्यार्थी हुए पास

धालभूमगढ़मॉडल स्कूल के 21 विद्यार्थियों ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। उन 21 में से 20 विद्यार्थियों ने मैट्रिक की परीक्षा प्रथम श्रेणी से पास की। नरसिंहगढ़ के रोहित गोराई स्कूल टॉपर बने। जिन्होंने 500 में कुल 456 अंक प्राप्त किया। जो 91.22 प्रतिशत है। वहीं दूसरे स्थान पर अंकिता कुमार साहा ने 444 अंक प्राप्त किया। जो 88.87 है। तीसरा स्थान अर्जुन सिंह को 440 अंक मिला जो कि 88 प्रतिशत है।

आसनबनीहाई स्कूल में 72.4 फीसदी के साथ कुंती बनी स्कूल की टॉपर

आसनबनीहाई स्कूल में 8 बच्चों को प्रथम स्थान मिला है। इसमें कुंती रानी सिंह को 72.4 प्रतिशत, माधुरी कुमारी 71.8 प्रतिशत, खुशबू नाथ को 71.4 प्रतिशत, श्रवण गोप को 70 प्रतिशत, श्रेया लाहा को 69.6 प्रतिशत, ज्योति कुमारी को 69.6, करण हांसदा को 68 प्रतिशत, कुशुम थापा को 63.6 को प्रतिशत प्राप्त किया है। इसकी जानकारी मां मनसा कोचिंग के दिनेश कुमार साहा, सोमनाथ लाहा, बापी गोप कोचिंग शिक्षकों ने दी है।

बीडीएसएलकन्या हाईस्कूल के 10 छात्राओं को प्रथम श्रेणी

घाटशिला।बीडीएसएल कन्या हाई स्कूल के मैट्रिक का रिजल्ट बेहद उत्साहजनक रहा। 82.8 फीसदी अंकर के साथ सुनीता महतो स्कूल टॉपर बनी। 10 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण हुए। शिवानी सोनार ने 76.4 फीसदी अंक लाकर स्कूल तथा परिवार का नाम रोशन किया है। वह चालक विष्णु बहादुर सोनार की पुत्री है। उसके रिजल्ट से माता पिता बेहद खुश हैं। इधर, बहरागोड़ा मुटूरखाम पंचायत के मुटूरखाम गांव के सुकलाल मार्डी के पुत्र अजय मार्डी ने धालभमूगढ़ स्थित लोयला हाई स्कूल चोईरा में टॉप किया है। 461 अंक प्राप्त हुआ है।

शिक्षक बनेगी सरस्वती विद्या मंदिर की दीपशिखा

सरस्वतीविद्या मंदिर की दीप शिखा महतो को कुल 425 अंक यानि 85 प्रतिशत मिला है। दीप शिखा महतो के पिता शंभू नाथ महतो शिक्षक है और माता हिरनमय गृहिणी है। दीप शिखा शिक्षक बनना चाहती है।

डाक्टरबनेगी बीडीएसएल की सुनीता

बीडीएसएलस्कूल बालिका उच्च विद्यालय की छात्रा सुनीता महतो ने मैट्रिक की परिक्षा में 82.8 प्रतिशत अंक लाया। इनके पिता का नाम संतोष कुमार महतो है जो कि व्यवसायी है। इनकी माता रोदन महतो गृहणी है। सुनीता महतो डॉक्टर बनना चाहती है।

डाक्टरबनना चाहती है प्रीति

सरस्वतीविद्या मंदिर घाटशिला की छात्रा प्रीति मदीना ने मैट्रिक की परीक्षा में 88 प्रतिशत अंक लाया है। इनके पिता गोवर्धन मदीना एसडीओ कोर्ट में काम करते हैं। इनकी माता दुलाली मदिना गृहिणी हैं। प्रीति डॉक्टर बनना चाहती है।

प्रवीण कुमार महतो 93 प्रतिशत लाकर मॉडल स्कूल डुमरिया का बना टॉपर

डुमरिया।मॉडल स्कूल डुमरिया का मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट अच्छा रहा। स्कूल के 27 में 26 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में मैट्रिक की परीक्षा उत्तीर्ण हुए। एक छात्र को मात्र एक विषय में कंपार्टमेंट आया। मॉडल स्कूल डुमरिया के टॉपर प्रवीण कुमार महतो को 93 प्रतिशत अंक मिला। दूसरे स्थान पर नंदन कुंडू को 91 प्रतिशत अंक मिला। वहीं तीसरे स्थान पर रहे सिधिका तहरीम को 90 प्रतिशत अंक मिला।

निर्देश के बाद भी नहीं खुले कई सरकारी स्कूल

अधिकतरसरकारी स्कूल मंगलवार को बंद मिले। एक सप्ताह पहले ही डीईओ ने सभी स्कूलों को रिजल्ट के दिन खोलने का आदेश दिया था।

फैशन डिजायनर बनना चाहती है आभा

सरस्वतीशिशु विद्या मंदिर की आभा रानी को कुल 424 यानि 84.8 प्रतिशत अंक मिला है। आभा रानी फैशन डिजायनर बनना चाहती है। इनके पिता मनोज कुमार सिंह व्यवसायी हैं। माता सविता सिंह गृहिणी हैं।

एसडीएसएसवि मंदिर का रिजल्ट शत-प्रतिशत

इसवर्ष भी चाकुलिया के शांति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर का परीक्षा फल शत-प्रतिशत रहा। विद्यालय के आचार्य अरुण कुमार महतो, गौरहरि दास आदि ने बताया कि इस वर्ष कुल 35 परीक्षार्थी भी परीक्षा में शामिल हुए थे। जिसमें से 32 परीक्षार्थी प्रथव 3 परीक्षार्थी द्वितीय श्रेणी से उत्तीण हुए हैं।

मनोहर लाल उच्च विद्यालय के छात्र हरगोविंद बने प्रखंड टॉपर

चाकुलिया।शहर के मनोहर लाल उच्च विद्यालय के विद्यार्थी हरगोविंद महतो ने मैट्रिक की परीक्षा में 92 प्रतिशत (460) अंक लाकर प्रखंड में अपना परचम लहराया। वहीं मॉडल स्कूल का छात्र यतीन्द्र नाथ महतो ने भी 90.2 प्रतिशत, वितोष महतो 89.6 प्रतिशत, आनन्द मार्ग विद्यालय का छात्र सुब्रत पानी 88.8 प्रतिशत, अमित महतो 88.4 प्रतिशत, किरण महतो 86.6 प्रतिशत अंक लाकर आदि ने भी प्रखंड के टॉपर्स में अपना नाम दर्ज कराया है।

निलिमा 79.8 प्रतिशत लाकर स्कूल टॉपर बनी

घाटशिला।यामिनी कांत महतो उच्च विद्यालय सालबनी की छात्रा निलिमा महतो (बड़ाखुर्शी) ने मैट्रिक की परीक्षा में स्कूल टॉपर बनने का गौरव हासिल किया है। उसे मैट्रिक परीक्षा में कुल 399 यानि 79.8 प्रतिशत अंक मिला है। इस स्कूल से कुल 110 विद्यार्थियों ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी, जिसमें 82 विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण हुए हैं।

कस्तूरबाविद्यालय की 45 विद्यार्थी पास

धालभमूगढ़।कस्तूरबा गांधी बालिक विद्यालय महुलीशोल धालभूमगढ़ से कुल 48 छात्राओं ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। इसमें प्रथम 33, द्वितीय 12 फेल 3 छात्राएं हुई हैं। वहीं स्कूल टॉपर सालेग मुर्मू (87.2) बबिता सोरेन (87.2) लक्ष्मी टुडू को 87.2 फीसदी अंक मिला है।

प्रवीण को मिला जिले में चौथा स्थान

डुमरियाके नरसिंहबहाल गांव के प्रवीण कुमार महतो मैट्रिक परीक्षा में 463 (92.60) अंक लाकर जिले में चौथा स्थान प्राप्त किया है। मॉडल स्कूल डुमरिया का प्रवीण कुमार महतो के पिता लालू महतो माता हिरामनी महतो दोनों ही पारा शिक्षक हैं। बेटे की उपलब्धि से माता पिता काफी खुश हैं। प्रवीण ने अपनी उपलब्धि का श्रेय माता-पिता स्कूल के शिक्षकों को दिया। घर का माहौल अच्छा होने के कारण प्रवीण उससे प्रेरित हुआ। माता-पिता के अलावे ताऊ शिवचरण महतो भी सरकारी शिक्षक हैं।

मात देकर कोल्हान का दूसरा टॉपर बनी स्मिता

डुमरिया।संसाधनों के अभाव, गरीबी के बावजूद पिता की प्रेरणा अपनी लगन इच्छा शक्ति से डुमरिया के करणसाई गांव की स्मिता पति 467 अंक यानी 93.40 प्रतिशत लाकर कोल्हान का द्वितीय टॉपर बनने का गौरव प्राप्त किया। मात्र एक अंक के कारण उसे कोल्हान में दूसरा स्थान मिला। स्मिता को कुल 467 अंक मिला। जबकि कोल्हान टॉपर भवतोष पाल को 468 अंक मिला है। स्मिता के पिता मनोरंजन सुभाषिणी शिशु मंदिर कुमड़ाशोल के अंग्रेजी शिक्षक हैं। मां नुपूर पति गृहणी हैं। घर की माली हालत ठीक नहीं होने के बावजूद स्मिता ने सफलता हासिल की।

सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है भवतोष

भवतोषपाल के पिता भूपति पाल मां कल्याणी पाल हैं। पिता सेवानिवृत्त सरकारी शिक्षक हैं। भवतोष आगे की पढ़ाई कर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहता है। स्कूल में हमेशा टॉपर रहा है। पढ़ाई के अलावा अच्छी क्रिकेट खेलना भी उसकी एक खूबियों में है। अपनी सफलता का पूरा श्रेय माता-पिता को देना चाहता है। रोजाना 5 घंटे पढ़ाई अभ्यास किया करता था। गणित में 95, विज्ञान 99, अंग्रेजी 91, हिंदी 93, सोशल साइंस 85 कुल 468 अंक मिले है। काड़ाडूबा का रहने वाला है। काडाडूबा के उप मुखिया सुधांशु भगत ने उसे बधाई दी।

सरस्वती विद्यामंदिर का छात्र भवतोष बना टॉपर

मुसाबनीसरस्वती विद्या मंदिर का परिणाम काफी अच्छा रहा। इस विद्यालय से 165 बच्चे प्रथम श्रेणी में, 32 बच्चे द्वितीय श्रेणी में और 5 बच्चे तृतीय श्रेणी में उत्तीर्ण हुए। 205 छात्रों ने मैट्रिक की परीक्षा दी थी। इस विद्यालय के छात्र भावतोष पाल ने सर्वाधिक 468 अंक प्राप्त कर जिला टॉपर बने। इनका प्रतिशत 93.6 रहा। विद्यालय द्वितीय टॉपर रिंकी मदीना को 91.40 फीसद, तृतीय टॉपर रोशनी परवीन को 91.2 फीसदी , सुदेशना बोस को 90.60 फीसदी अंक प्राप्त हुआ। यहां के चार बच्चे गणित में 100 अंक प्राप्त किया है।

इंटरमीडिएट साइंस का क्वेश्चन पेपर स्टैंडर्ड था। फिजिक्स मैथ्स के कुछ सवाल लेंदी जरूर थे, पर सिलेबस के अंदर ही थे। इसलिए टफ क्वेश्चन की वजह से रिजल्ट में गिरावट आने की बात गलत होगी। पिछले दो साल में रिजल्ट परसेंटेज में लगातार गिरावट देखी जा रही है, इसकी एक वजह कैंपस का एनवायरमेंट स्टूडेंट फ्रेंडली नहीं होना है। दूसरी वजह स्टैंडर्ड फैकल्टी का अभाव है। एक और वजह स्टूडेंट्स की पढ़ाई के प्रति रुझान कम होना भी है। जो स्टूडेंट्स कॉलेज आते हैं उनमें से अधिकतर पास हो जाते हैं। जो लेबोरियस हैं, वे अच्छा स्कोर करते हैं लेकिन 50 परसेंट स्टूडेंट्स ऐसे हैं जो कॉलेज नहीं आते हैं। इनमें से महज 5-7 प्रतिशत ही पास होते हैं। एवरेज मार्किंग की वजह से पास होने वाली विद्यार्थियों की संख्या कम हो गई है।

अमितश्रीवास्तव, आरका जैन यूनिवर्सिटी, जमशेदपुर

भवतोष पाल।

रोहित गोराई

अंकित कुमार साहा

आभा रानी

कुमार सन्नी

प्रगति शर्मा

सुनीता महतो

शिवानी सोनार

अजय मार्डी

अभिषेक नायक

अष्टकोशी स्कूल की द्वितीय टॉपर अपने माता पिता के साथ

मौसमी पांडा

प्रवीण कुमार महतो

चाकुलिया - अपने पुत्र सुब्रत को मिठाई खिलाती मां स्वाहा पानी

घाटशिला : मैट्रिक परीक्षा का कोल्हान टॉपर भवतोष पाल अपने माता-पिता के साथ।

मैट्रिक में दूसरे स्थान पर रही अष्टकोषी स्कूल की स्मिता पति अपने माता पिता के साथ।

विपरीत स्थिति में भी पूर्वी सिंहभूम का रिजल्ट बेहतर हुआ है। जिला पूरे राज्य में टॉप पर है, यह सुखद अहसास दिलाता है। वर्तमान समय में स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां केवल एक शिक्षक ही है। अलग-अलग विषयों के शिक्षक नहीं हैं। जबकि हाई स्कूल के लिए अलग-अलग विषयों के लिए शिक्षक होना जरूरी है। यदि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराए जाते तो स्थिति और बेहतर होती। फिर भी शिक्षकों ने काफी मेहनत की, जिसकी बदौलत यह सफलता मिली है। आम तौर पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जेनरल नॉलेज की जानकारी कम ही रखते हैं। नौंवी में जब बच्चे हाई स्कूल में दाखिला लेते हैं तो उनको बेसिक जानकारी नहीं रहती है। उनको यह जानकारी रहे तो बच्चों को पढ़ना भी आसान हो जाता है। परीक्षा के दौरान घरों में पढ़ाई का माहौल बनाना भी जरूरी होता है। अधिकतर बच्चे गरीब वर्ग से आते हैं। उनके लिए रोज कमाना और खाना भी जरूरी है। ऐसे में माहौल नहीं मिल पाता है। सभी विद्यार्थियों को मैट्रिक परीक्षा के लिए दिए गए टिप्स भी कारगर साबित हुए हैं। उम्मीद है कि स्थिति में और बेहतर सुधार होगा।

चंद्रदीपपांडेय, प्रिंसिपल, पीपुल्स एकेडमी स्कूल, बाराद्वारी 

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