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जुगाड़ से चलेंगी प्लस टू में कक्षाएं?

मैट्रिक के बाद प्लस टू स्कूलों के बूते ग्यारहवीं और बारहवीं पढ़ाने की सरकार की योजना जमीनी स्तर पर सफल होते नहीं दिख रही। नए सत्र में नामांकन प्लस टू स्कूलों में शुरू हो गया है,
पर इन स्कूलों में शिक्षकों की कमी सबसे बड़ा रोड़ा है। जिले के वर्तमान में चल रहे 11 प्लस टू स्कूलों में 122 स्वीकृत पद के अधीन महज 58 कार्यरत हैं, जबकि 64 पद रिक्त हैं। इतना ही नहीं इस वर्ष 9 हाईस्कूलों को अपग्रेड कर प्लस टू बनाया गया है, पर इन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं है। नामांकन में आनाकानी कर रहे विद्यार्थी : प्लस टू स्कूलों में नामांकन से पहले शिक्षकों की कमी से अवगत छात्र नामांकन में आनाकानी कर रहे हैं। हालत यह है कि गांव के विद्यार्थी भी इंटर और डिग्री कॉलेजों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई के लिए रुख कर रहे हैं। जुगाड़ का मसौदा हो रहा तैयार : विभागीय सूत्रों की माने तो सरकार स्थाई शिक्षक देने की त्वरित स्थिति में नहीं है। बिना फूलप्रूफ व्यवस्था तैयार किए प्लस टू स्कूलों से इंटर पढ़ाई सफल हो नहीं सकती। ऐसे में अब बीएड कॉलेजों में पढ़ने वाले प्रशिक्षु शिक्षकों से ही प्लस टू में पढ़ाई कराने की बात हो रही है। यह मसौदा एचआरडी बना रहा है, फिलहाल मामला आरंभिक स्थिति में है। आंकड़ों में स्थिति जिले में इस सत्र से संचालित होने वाले प्लस टू स्कूल : 20 पूर्व से चल रहे हैं प्लस टू स्कूल : 11 इस सत्र में अपग्रेड हुए नए स्कूलों की संख्या : 9 वर्तमान में 11 प्लस टू स्कूलों में स्वीकृत पद : 122 इन 11 प्लस टू स्कूल में कार्यरत शिक्षक : 58 11 प्लस टू स्कूलों में रिक्त पद : 64  

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