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ट्रेजरी से वेतन देकर सरकार यूनिवर्सिटी को बनाना चाहती है सरकारी विभाग : फुटाज

सरकारने यूनिवर्सिटी शिक्षकों को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान करने का निर्णय लिया है। इसका फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (फुटाज) ने विरोध किया है। रविवार को फुटाज, रिटायर्ड शिक्षक संघ, रुक्टा, पीजी शिक्षक संघ ने कहा कि सरकार का यह निर्णय यूनिवर्सिटी की स्वायत्तता का अपहरण करने वाला है।


सरकार द्वारा विवि को अनुदान राशि दी जाती है। सीधे वेतन मद में राशि नहीं दी जाती है। ट्रेजरी से भुगतान कर विवि को सरकार सरकारी विभाग बनाने चाहती है। शिक्षक प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्व की व्यवस्था के तहत शिक्षकों को कुछ माह तक विवि के आंतरिक संसाधन वेतन भुगतान कर दिया जाता था। इस कारण पहली तारीख को वेतन मिलना संभव हुआ था। लेकिन नए नियम से वेतन देने के प्रावधान के कारण शिक्षकों को वेतन-पेंशन समय पर मिलना संभव नहीं है। शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मिलकर ध्यान आकृष्ट कराएगा। ट्रेजरी से वेतन भुगतान का विरोध करने वालों में डॉ. बब्बन चौबे, फुटाज अध्यक्ष डॉ. नवीन कुमार, महासचिव डॉ. मिथिलेश, रुक्टा अध्यक्ष रामइकबाल तिवारी, रुक्टा महासचिव डॉ. राजकुमार, पीजी शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. हरिओम पांडेय, डॉ. एलके कुंदन समेत अन्य शिक्षक शामिल हैं।

समयपर वेतन देना सुनिश्चित करे विभाग

विविशिक्षकों ने कहा कि सरकार प्रत्येक माह पहली तारीख को वेतन देना सुनिश्चित करे। ऐसा नहीं कर पाने की स्थिति में विभागीय अधिकारी यह घोषणा करें कि जबतक शिक्षकों को वेतन-पेंशन का भुगतान नहीं होगा, तब तक वे अपना वेतन नहीं लेंगे। ट्रेजरी से वेतन भुगतान से उत्पन्न स्थिति पर विचार विमर्श करने के लिए सोमवार को आरयू मुख्यालय में शिक्षकों की बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।

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