रांची। सोमवार को
पारा शिक्षकों की स्थायी सेवाओं से संबंधित याचिका पर आंशिक सुनवाई के बाद
कोर्ट ने अगली तिथि निर्धारित की है। पारा शिक्षकों की सेवा स्थायी करने के
लिए दायर याचिका पर हाईकोर्ट में 30 जून को सुनवाई होगी।
याचिका में कहा गया है कि सरकार ने शिक्षक नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित थीं। 50 प्रतिशत गैर पारा शिक्षकों के लिए था। लेकिन पारा शिक्षकों का चयन गैर पारा वर्ग में नहीं किया गया। अभी भी स्कूलों में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं।
पारा शिक्षकों की सेवा नियमित कर इन पदों को भरा जाना चाहिए। पारा शिक्षकों की नियुक्ति सर्व शिक्षा अभियान के तहत की गई है। 10 साल से अधिक की सेवा पूरी करने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। सरकार के उस नियमावली को भी चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 1996 से 10 साल की सेवा पूरी करने वालों को ही नियमित किया जाएगा। कहा गया कि राज्य का गठन 2000 में हुआ है। 1996 से सेवा की गणना करना गलत है।
याचिका में कहा गया है कि सरकार ने शिक्षक नियुक्ति में पारा शिक्षकों के लिए 50 फीसदी सीटें आरक्षित थीं। 50 प्रतिशत गैर पारा शिक्षकों के लिए था। लेकिन पारा शिक्षकों का चयन गैर पारा वर्ग में नहीं किया गया। अभी भी स्कूलों में शिक्षकों के कई पद रिक्त हैं।
पारा शिक्षकों की सेवा नियमित कर इन पदों को भरा जाना चाहिए। पारा शिक्षकों की नियुक्ति सर्व शिक्षा अभियान के तहत की गई है। 10 साल से अधिक की सेवा पूरी करने के बाद भी उन्हें नियमित नहीं किया जा रहा है। सरकार के उस नियमावली को भी चुनौती दी गई है, जिसमें कहा गया है कि वर्ष 1996 से 10 साल की सेवा पूरी करने वालों को ही नियमित किया जाएगा। कहा गया कि राज्य का गठन 2000 में हुआ है। 1996 से सेवा की गणना करना गलत है।