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शिक्षा देना शिक्षकों का परम कर्तव्य : डीएसई

पंडवा : बच्चों को शिक्षा देना ही शिक्षकों का परम धर्म है। खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन से बच्चों का सर्वांगीण विकास होता है। यह बातें पलामू के डीएसई अर¨वद कुमार ने कही। वे मंगलवार को पंडवा के लोहड़ा स्थित गुरुकुल स्कूल के वार्षिकोत्सव में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।

डीएसई ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में शतप्रतिशत प्रशिक्षित व दक्ष शिक्षक हैं। बावजूद निजी विद्यालय के बच्चों के बराबर उनका विकास नहीं हो पाता। सरकार हर स्तर पर बेहतर व गुणात्मक शिक्षा के लिए सरकारी विद्यालयों में सेमिनार व संसाधन उपलब्ध करा रही है। कहा कि सरकारी शिक्षक ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर लें तो निजी विद्यालयों में ताला लग जाएगा। उन्होंने गुरुकुल के बच्चों के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। कहा कि यहां के बच्चों में काफी प्रतिभा है।
सूरत उवि के प्रधानाध्यापक वीरेंद्रनाथधर द्विवेदी ने कहा कि शिक्षक समाज का आईना होते हैं। समाज का शिक्षकों पर काफी विश्वास होता है। इसे कायम रखना ही शिक्षकों को कर्तव्य है। इसके पूर्व मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की।
विद्यालय के प्राचार्य सीमा श्रीवास्तव ने विद्यालय प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह का संचालन कृष्णा पाठक ने किया। मौके पर थाना प्रभारी रामाधार चौधरी, एसआई सुदामा ¨सह, एचआर प्रबंधक प्रमोद कुल्हर, सीएसआर प्रबंधक विजय तिवारी, संजय कुमार ¨सह, कृष्णचंद्र मिश्र, जयंत शुक्ला समेत कई लोग उपस्थित थे।
बच्चों ने पेश किए सांस्कृतिक कार्यक्रम

विद्यालय के बच्चों ने कई सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इसमें बच्चों ने नाटक, नृत्य, संगीत प्रस्तुति कर उपस्थित अभिभावकों की खूब वाहवाही लूटी। इसमें नोटबंदी, डांडिया नृत्य सहित कई कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इसमें खुशी, सौम्या, अभिजीत सहित कई बच्चों ने भाग लिया।

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