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सोच को बदलें और शिक्षकों का सम्मान करना सीखें : सांसद

वर्तमान समय में शिक्षा के नाम पर कोचिंग सेंटर का बड़ा व्यवसाय शुरू हो गया है। बड़े शहरों में आइएएस बड़ी- बड़ी प्रतियोगिता परीक्षा के नाम पर युवाओं की कीमती समय को बर्बाद किया जा रहा है। लेकिन इस कोचिंग सेंटर के बारे मे जो सुना देखा तो यह जानकर काफी प्रसन्नता हुई कि यह संस्थान अपने मुकाम की ओर बढ़ रहा है। शिक्षक होना नौकरी ही नहीं है समाज के प्रति प्रतिबद्धता है।
आज समाज की सबसे बड़ी पूंजी शिक्षा ही है। उक्त बातें सांसद पीएन सिंह ने कुमारधुबी स्टेशन रोड स्थित कॉमर्स कोचिंग सेंटर के छह वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में कही। सांसद ने कहा कि इस संस्था के संयोजक आरएन तिवारी ने आज के परिवेश में गुरुकुल परंपरा को कायम करते हुए आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को शिक्षा देने का काम कर रहे हैं। जो सराहनीय है। पहले समाज के लोग शिक्षक को सम्मान देते थे। आज सोच में कुछ विकृति गई है। उस विकृति से समाज में गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा में कमी आई है। इसका मूल कारण है शिक्षा का बाजारीकरण होना। आज आप करोड़पति हो सकते हैं पर समाज उसे समृद्ध मानने को तैयार नहीं है। जिस घर में आज इंजीनियर, डॉक्टर, सीए, प्रोफेसर है, उसका समाज आदर करती है। अटलजी वर्तमान सरकार ने शिक्षा में खास बल दिया कहा कि झारखंड में पहले 23 लाख बच्चे पढ़ते थे। आज 45 लाख बच्चे शिक्षा ले रहे हैं। सांसद ने कहा कि सेंटर के संचालक तिवारी जी निरसा, जामताड़ा के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों तथा स्लम क्षेत्र के बच्चों के बीच शिक्षा का अलख जगाने का काम करते हैं जो अति सराहनीय कार्य है। जिला टॉपर रहे तथा उच्च अंक प्राप्त करने वाले छात्र- छात्राओं को सांसद ने सम्मानित किया। मौके पर कोचिंग सेंटर के संयोजक आरएन तिवारी,डॉक्टर विश्वनाथ पाण्डेय, प्रो अरूण कुमार, प्रो एल राय, डॉक्टर एसएन सिंह, संजीव पाण्डेय, गुड्डू सिंह, गोपाल सिंह मिंटू सिंह ,रंजीत मोदी, अनिल यादव, मुन्ना सिंह आदि लोग शामिल थे। 

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