रांची : सरकार एक ओर रिजल्ट बेहतर नहीं होने पर शिक्षकों पर कार्रवाई
कर रही है. वहीं दूसरी अोर शिक्षकों को स्कूल से हटा कर सचिवालय में
प्रतिनियुक्त कर दिया गया है. राज्य में पहले से ही प्लस-टू व हाइस्कूल
में शिक्षकों की कमी है. राज्य के 230 प्लस-टू हाइस्कूल में मात्र 109 में
गणित के शिक्षक हैं. हाइस्कूल में 23 हजार शिक्षकों में से लगभग 18 हजार
पद रिक्त हैं. इसके बाद भी कुछ शिक्षक को सचिवालय में प्रतिनियुक्त कर दिया
गया है, जबकि संबंधित विद्यालय में उस विषय के शिक्षक नहीं हैं.
राजधानी का मारवाड़ी प्लस-टू हाइस्कूल भी ऐसा विद्यालय हैं, जहां एक
ओर शिक्षक की कमी है. वहीं दूसरी ओर विद्यालय के शिक्षक विद्यालय छोड़
सचिवालय में काम कर रहे हैं. इस वर्ष इंटर साइंस की परीक्षा में विद्यालय
से लगभग 250 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. यहां 11वीं में लगभग
200 विद्यार्थी नामांकित हैं. विद्यालय के गणित के शिक्षक शैक्षणिक सत्र
2016-17 में चार माह अलग-अलग कार्य से शिक्षा विभाग मुख्यालय में
प्रतिनियुक्त रहे हैं. विद्यालय में गणित के शिक्षक नहीं होने कारण बच्चों
का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ. वहीं इंटर की परीक्षा भी शुरू हो गयी है.
ऐसा नहीं है कि विद्यालय में गणित के शिक्षक नहीं हैं. गणित के
शिक्षक आशीष कुमार विभाग में प्रतिनियुक्त हैं. आशीष कुमार प्रारंभ में
तो कक्षा छह से आठ की किताब में किये गये बदलाव कार्य के लिए प्रतिनियुक्त
किये गये थे, पर कक्षा छह से आठ में किताब लिखने का काम पूरा होने के बाद
भी उनकी स्कूल वापसी नहीं हुई, जबकि कक्षा छह से आठ की किताब की छपाई की
प्रक्रिया भी अंतिम चरण में हैं. अगले माह नयी किताब स्कूलों तक पहुंचने
लगेगी. इसके बाद भी वे विद्यालय छोड़ प्रतिदिन सचिवालय जाते हैं. वहीं काम
करते हैं. विद्यालय के प्लस-टू साइंस के 450 बच्चों का पठन-पाठन भगवान
भरोसे है.
गोड्डा से रांची लाया, फिर सचिवालय बुलाया
रिजल्ट खराब होने पर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने हाइस्कूल के
शिक्षकों को शहरी क्षेत्र से ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय में भेजा.
प्लस-टू हाइस्कूल के प्रधानाध्यापक व शिक्षकों का वेतन वृद्धि रोक दिया.
राज्य के 230 प्लस-टू हाइस्कूल में से दर्जन भर में भूगोल के शिक्षक नहीं
हैं, पर राजधानी स्थित मारवाड़ी प्लस-टू हाइस्कूल में एक पद पर दो
शिक्षक कार्यरत हैं. विद्यालय में भूगोल के शिक्षक पहले से थे. इसके
बाद भी गोड्डा के ग्रामीण क्षेत्र के एक प्लस-टू विद्यालय से भूगोल के
शिक्षक प्रियरंजन को माध्यमिक निदेशालय ने मारवाड़ी प्लस हाइस्कूल में
प्रतिनियुक्त कर दिया. वर्तमान में प्रियरंजन भी विद्यालय नहीं आ रहे हैं.
उनकी प्रतिनियुक्ति भी सचिवालय में हैं. विद्यालय में भूगोल के स्वीकृत पद
पर पहले से ही मेनिका कुमारी कार्यरत हैं
...सरकार का काम कर रहे हैं
कक्षा छह से आठ के किताब के पाठ्यक्रम में बदलाव के लिए कई शिक्षकों
को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त किया गया था.
इनमें कुछ शिक्षक अब भी विद्यालय वापस नहीं लौटे. जो शिक्षक विद्यालय नहीं
लौटे हैं, वे अब भी सचिवालय में काम कर रहे हैं. इनमें राजधानी के अाधा
दर्जन स्कूल के अलग-अलग विषय के शिक्षक हैं.
इसमें अर्थशास्त्र, भौतिकी, रसायन, गणित, भूगोल समेत अन्य विषय के
शिक्षक हैं. निदेशालय में प्रतिनियुक्त एक शिक्षक से पूछने पर कि वे वहां
वर्तमान में क्या कर रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि वे सचिवालय में
प्रतिनियुक्त हैं. सरकार का काम कर रहे हैं. यह पूछने पर कि सरकार में
किसके लिए काम कर रहे हैं, तो उन्होंने कुछ नहीं बताया. उन्होंने यह कहते
हुए फोन काट दिया कि बाद में बात करेंगे.