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अब सरकारी प्राइमरी स्कूलों में लगेगी केजी की क्लास

रांची- राज्य के सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों में इसी साल से केजी की कक्षाएं भी शुरू होंगी। इनमें तीन से पांच साल के बच्चों का नामांकन किया जाएगा। अभी तक सभी सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पढ़ाई शुरू होती है। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने निर्देश दिया कि केजी क्लास रूम को अलग रंग और डिजाइनों में बनाया जाएगा।

राज्य के सभी सरकारी प्राइमरी स्कूलों में इसी साल से केजी की कक्षाएं भी शुरू होंगी। इनमें तीन से पांच साल के बच्चों का नामांकन किया जाएगा। अभी सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पढ़ाई शुरू होती है। किंडरगार्डन कक्षाएं शुरू करने के लिए जिला अफसरों को अप्रैल से पहले सर्वे करानेे और आंगनबाड़ी सेविकाओं के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया है। मंगलवार को स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने निर्देश दिया कि केजी के क्लास रूम को अलग रंग और डिजाइनों में बनाया जाएगा। उसमें अलग-अलग रंग और आकृतियां को उकेरा जाएगा ताकि बच्चों को इसमें अपनापन लगे।
मुख्य सचिव ने कहा कि केजी में स्थानीय भाषाएं जानने वाले पारा शिक्षकों को रखा जाए जो बच्चों को प्यार और दोस्ती के साथ पढ़ा सकें। हर प्रखंड में लगातार अनुपस्थित रहने वाले पांच-पांच शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई करें। विभाग अगले साल से सभी स्कूलों में नौवीं, दसवीं व बारहवीं की सीटें दोगुनी करने की तैयारी भी करें। उन्होंने कहा कि विज्ञान और गणित के शिक्षक जहां ज्यादा हैं, उन्हें दूसरे स्कूलों में भेजें। हर स्कूल को विज्ञान का कम से कम एक शिक्षक दिया जाए। जरूरी हो तो सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लें।

कस्तूरबा विद्यालयों में ऐसे बच्चों को प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया गया, जो उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र के हों। अनाथ हों। ड्रॉपआउट हों। नीति आयोग के शीघ्र संभावित शिक्षा सर्वे के मद्देनजर उन्होंने राज्य की रैंकिंग सुधारने के लिए तीसरी से आठवीं तक के छात्रों की तैयारी करवाने को कहा। शिक्षकों का जनवरी का वेतन सीधे बैंक खातों में जाएगा। बच्चों को मिलने वाली किट की राशि का भुगतान भी डीबीटी से होगा। राज्य में कुल 48 लाख स्टूडेंट्स में से 76 फीसदी के बैंक खाते खुल चुके हैं।

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