रांची : प्राथमिक व मध्य विद्यालय में गैर पारा कोटि में नियुक्त लगभग
500 पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त होगी. इन पारा शिक्षकों की प्राथमिक व
मध्य विद्यालय में स्थायी शिक्षक के रूप में नियुक्ति की गयी थी. इनकी
नियुक्ति जिला शिक्षा अधीक्षक ने नियमावली की अनदेखी कर की थी.
अब जांच के बाद ऐसे शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी है.
कुछ जिलों में गैर पारा की कोटि में नियुक्त पारा शिक्षकों को हटा भी दिया
गया है, जबकि कुछ जिलों में प्रक्रिया चल रही है. ऐसे शिक्षकों को कारण
बताओ नोटिस जारी किया गया है. कारण बताओ नोटिस का जवाब मिलने के बाद
शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली
में 50 फीसदी पद पारा शिक्षकों के लिए आरक्षित किया गया है. वर्ष 2012 की
प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति नियमावली में कहा गया था कि पारा शिक्षक कोटि के
लिए आरक्षित पद अगर पारा शिक्षक से नहीं भरता है, तो इसे गैर पारा कोटि के
अभ्यर्थियों से भर दिया जाये.
वर्ष 2014 में नियमावली में संशोधन किया गया, जिसमें यह प्रावधान किया
गया कि पारा शिक्षक के लिए आरक्षित सीट रिक्त रहने पर भी उस पर गैर पारा
कोटि के अभ्यर्थी की नियुक्ति नहीं होगी. दोनों कोटि के लिए सीट अलग-अलग
आरक्षित कर दी गयी है. इसके बाद पारा शिक्षक की गैर पारा कोटि में नियुक्ति
पर रोक लगा दी गयी. रोक के बाद भी राज्य के लगभग कई जिलों में पारा शिक्षक
को गैर पारा कोटि में नियुक्त कर दिया गया.
पारा शिक्षकों ने योगदान भी दे दिया. कई जिलों में शिक्षकों को वेतन
का भुगतान भी कर दिया गया. नियुक्ति के पश्चात स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता
विभाग को कई जिलों में नियुक्ति में गड़बड़ी की शिकायत मिली. इसके बाद फिर
से नियुक्ति प्रक्रिया की जांच हुई. जांच में कई जिलों में गड़बड़ी की बात
सामने आयी. गुमला, पलामू समेत राज्य के लगभग आधा दर्जन जिलों में ऐसे
शिक्षकों को हटा दिया दिया गया. वहीं कुछ जिलों में इसकी प्रक्रिया चल रही
है.
नियुक्ति प्रक्रिया में नहीं रही एकरूपता
प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया समाप्त हुए एक वर्ष होने को
है. नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही गड़बड़ी की बात सामने आने लगी
थी. नियुक्ति प्रक्रिया में सभी जिलों में एकरूपता नहीं थी.
एक ही अभ्यर्थी का अलग-अलग जिला में मेधा अंक अलग-अलग था. कुछ जिलों
में पारा शिक्षक को गैर पारा कोटि में नियुक्त नहीं किया गया. वहीं कई
जिलों में पारा को गैर पारा कोटि में नियुक्त कर दिया गया. कोडरमा में तो
मेधा अंक में गड़बड़ी कर नियुक्ति का मामला सामने अाया था. कई जिलाें में
नियुक्ति में आरक्षण के प्रावधान का पालन नहीं किया गया.आरक्षण को लेकर अब
भी कई जिलों से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग से मार्ग दर्शन मांगा गया
है.