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1144 पारा शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

गिरिडीह जिले में करीब 1144 पारा शिक्षक अभी भी अप्रशिक्षित हैं। शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत सभी अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को प्रशिक्षित होना जरूरी है। एनआईओएस के माध्यम से संचालित डीएलएड पाठ्यक्रम में अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के लिए डीएलएड पाठ्यक्रम में नामांकन होना जरूरी है।
अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों को शपथ पत्र भर कर देना होगा कि डीएलएड पाठ्यक्रम में नामांकन हो जाने का उनके माध्यम से कोई दावा नहीं किया जाएगा। इस संबंध में नामांकन के लिए एनआईओएस एवं जेपीएससी रांची का नीतिगत निर्णय ही अंतिम होगा।

इग्नू की ओर से डीपीई पाठ्यक्रम में उनके माध्यम से अपूर्ण होने का अंक पत्र अथवा प्रमाण पत्र की स्व अभिप्रमाणित प्रति संलग्न करनी होगी एवं शपथ पत्र में अंकित करना होगा कि डीपीई के किस विषय में उनका पाठ्यक्रम अपूर्ण रह गया। डीपीई प्रशिक्षण के लिए विभाग की ओर से एक निर्धारित शुल्क भुगतान किया जा चुका है। नए पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए विभाग की ओर से दोबारा शुल्क अदा नहीं किया जाएगा। ऐसे पारा शिक्षकों को शपथ पत्र में अंकित करना होगा कि डीएलएड पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए पाठ्यक्रम का निर्धारित शुल्क उनके माध्यम से चुकता किया जाएगा। प्रथम बैच 2012-14 में नामांकित पारा शिक्षकों की ओर से पीसीपी वर्कशॉप पूर्ण होने पर यदि नए सत्र में नामांकित पारा शिक्षकों के साथ पीसीपी वर्कशॉप के लिए एनआईओएस एवं जेईपीसी रांची की ओर से पारा शिक्षकों को अनुमति मिलती है ताे कराया जाएगा।

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