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डीईओ के खिलाफ सीएम को ज्ञापन सौंपेगा शिक्षक संघ

माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी को लेकर झारखंड माध्यमिक शिक्षक संघ गिरिडीह इकाई शुक्रवार को मुख्यमंत्री रघुवर दास के गिरिडीह आगमन पर ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना गुरुवार शाम को झामाशिसं के संयुक्त सचिव मुरारी प्रसाद सिन्हा ने प्रेस बयान जारी कर दी है।
उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा में व्याप्त समस्याओं को लेकर संघ सदस्य मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। उन्होंने आरोप लगाते कहा है कि डीईओ एनके बरेलिया कार्यालय स्तर से माध्यमिक शिक्षा शीर्ष में कार्यरत शिक्षक/ शिक्षकेतर कर्मियों को बेवजह परेशान करते रहती हैं। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव की ओर से मई 2016 में शिक्षकों को 12 एवं 24 वर्षीय प्रोन्नति का आदेश दी थी। लेकिन अभी तक कुछ भी कार्य नहीं हुआ है। बयान में कहा है कि जिला माध्यमिक शिक्षा स्थापना समिति में गलत सूचना देकर डीईओ ने सर जेसी बोस बालिका उवि की कथित एकमात्र अंग्रेजी शिक्षक संध्या संथालिया को बिना किसी कारण के स्थानांतरण कर दिया जबकि उक्त विद्यालय में 2200 छात्राएं अध्ययनरत हैं। अभी तक उनके जगह पर किसी दूसरे शिक्षक की पद स्थापना भी नहीं हुई। अन्य तीन शिक्षकों का भी स्थानांतरण किया गया है। डीईओ कार्यालय में कार्यरत आदेशपाल अन्नू देवी का आरडीडीई कार्यालय से एमएसीपी की स्वीकृति मिली है लेकिन उन्हें लाभ नहीं दिया जा रहा है। जबकि उनके साथ कार्यरत लिपिक को लाभ दिया जा रहा है।

मनमाने तरीके से संचालित हो रहे स्कूल

उत्क्रमितउच्च विद्यालयों का प्रबंधन मनमाने ढंग से विद्यालय प्रधान संचालित कर रहे हैं। कहीं 8 एएम से 2 पीएम तो कहीं 10 एएम से 4 पीएम तक कक्षाएं चलाई जा रही हैं। कहीं प्राथमिक /मध्य विद्यालय की अवकाश तालिका तो कहीं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की अवकाश तालिका लागू है। कई बार संघ ने मौखिक लिखित आग्रह कर विद्यालय संचालन में एकरूपता लाने की बात कही लेकिन कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उउवि के वरीय शिक्षक को विद्यालय प्रभारी बनाने की बात पर भी डीईओ ने पहल नहीं की। वहीं मुख्य सचिव, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव के निर्देशों की अवहेलना करते हुए प्रतिनियोजन परंपरा को बरकरार रखी हुई है। जबकि इसे समाप्त कर नए स्तर से प्रतिनियोजन के लिए संचिका निदेशक माध्यमिक शिक्षा को भेजने का निर्देश दिया गया है। लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उच्च विद्यालयों में डीईओ के माध्यम से आपूर्ति कराई गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच एवं भौतिक सत्यापन भी कराया जाए।

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