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झारखंड के 10 हजार शिक्षक कर रहे हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ आंदोलन की तैयारी, जानें क्या है पूरा मामला

 मुख्यमंत्री सचिवालय के निर्देश के बावजूद झारखंड में वित्तरहित शिक्षा नीति समाप्त कर नियमावली बनाने की दिशा में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. नियमावली नहीं बनने से वित्तरहित संस्थानों के लगभग 10,000 शिक्षक व कर्मचारियों में रोष व्याप्त है. विगत 20-25 वर्षों से शिक्षक व कर्मचारी बिना वेतन के ही काम कर रहे हैं. इनके सामने भुखमरी की स्थिति आ गयी है. करोना काल में इनकी आर्थिक स्थिति आैर भी काफी खराब हो गयी.

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