स्कूलों के विलय के बाद गुरुवार को डीसी कार्यालय के सभा कक्ष में शिक्षकों
के रेशनलाइजेशन को लेकर काउंसलिंग का आयोजन हुआ। इसमें कई शिक्षकों ने
विभागीय अधिकारियों पर रेशनलाइजेशन में भेदभाव का आरोप लगाते जमकर हंगामा
किया। काउंसलिंग शुरू होते ही आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
नावाडीह प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय बड़कीकुड़ु के शिक्षक अर्जुन
कुमार ने कहा, नियमत: उनका तबादला नहीं होना चाहिए, क्योंकि वे पूर्वी
सिंहभूम से स्थानातंरण कराकर वे यहां आए हैं। एक जिले से दूसरे जिले में
तबादला होने के बाद वरीयता खत्म हो जाती है तो फिर पुन: तबादला कैसे हो
सकता है। उनके साथ सात अन्य शिक्षकों ने भी रेशनलाइजेशन में गड़बड़ी का
आरोप लगाते हुए हो-हल्ला शुरू कर दिया। इसके बाद उनलोगों से कहा गया कि
आपलोगों का रेशनलाइजेशन आज नहीं होगा। इस पर नावाडीह से आए शिक्षक बाहर
निकल गए।
वहीं, दूसरी पाली में चास प्रखंड के रेशनलाइजेशन में पांच महिला
शिक्षिकाओं ने अधिकारियों पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर
दिया। प्राथमिक विद्यालय कुम्हारदा की दिव्यांग शिक्षिका आभा कुमारी ने
रेशनलाइजेशन में नाम होने पर डीएसई से कहा कि वे दिव्यांग हैं, उन्हें किसी
नजदीक के स्कूल में रखा जाए। यह सुनते ही डीएसई ने कहा कि आप लाचार और
बेबस हैं, तो वीआरएस ले लें। इसके बाद वे कोई विद्यालय लिए बिना ही बाहर
निकल गईं।
शिक्षकों का कहना है- विभाग के अधिकारी कर रहे हैं मनमानी
रेशनलाइजेशन काउंसिलिंग में अधिकारियों के पास अपनी बात रखती शिक्षिका।
नावाडीह के शिक्षक को बाहर निकलने कहा
प्रक्रिया शुरू होते ही नावाडीह के शिक्षकों ने अपनी बातें रखनी
शुरू की। उन्हें सभाकक्ष से निकलने को कहा गया कि आज आपलोग का रेशनलाइजेशन
नहीं होगा। इसमें दुर्गा प्रसाद साहू, राजू साहू, भुवनेश्वर महतो, राजेश
वर्णवाल, अरुण वर्णवाल, मो. शमीम अख्तर, खेमलाल महतो व अर्जुन कुमार थे।
शिक्षिका को 28 किमी दूर जयतारा भेजा
नीलिमा कुमारी ने कहा एक पुरुष शिक्षक अरविंद कुमार हैं। उन्हें
चास से नजदीक सड़क किनारे मध्य विद्यालय कुर्रा में भेजा गया। जबकि उनका
तबादला 28 किमी दूर उत्क्रमित मध्य विद्यालय जयतारा भेज दिया गया।
वैसे शिक्षकों को भी बुलाया जिनका नाम सूची में नहीं था
रेशनलाइजेशन के लिए शिक्षकों को बुधवार की रात में संबंधित बीईईओ
ने फोन पर आने की सूचना दी। कई शिक्षक दूर-दराज से आए। लेकिन आने के बाद
उनसे कहा गया कि सूची में उनका नाम ही नहीं है। मध्य विद्यालय कटहरा के
मनोज कुमार ने कहा कि अगर सूची में उनका नाम नहीं था तो फिर क्यों बुलाया
गया। इसी तरह अनिल कुमार नायक व हितातुल्ला कलाम ने कहा कि पहली सूची में
उनका नाम था, अभी हटा दिया गया। लेकिन सूचना नहीं दी गई।
अभी तक सूची तैयार नहीं हुई है: डीएसई
रेशनलाइजेशन में हो रहे विवाद पर बोकारो डीएसई ने कहा कि अब तक
रेशनलाइजेशन का काम पूरा नहीं हुआ है। रेशनलाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने
के बाद ही फाइनल सूची बनाई जाएगी।