शिक्षा सचिव अमरेंद्र प्रताप सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) व
जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसई) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक
में निर्देश दिया था कि वर्ष 2008 के बाद प्रतिनियुक्त पारा शिक्षकों को
हटाया जाएगा।
इसमें उन्होंने कहा कि जिस जिले में 2008 के बाद पारा
शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, उसे रद्द किया जाएगा। डीएसई ऐसे पारा
शिक्षकों की सूची तैयार करें, जिन्हें इस अवधि में नियुक्त किया गया है।
बताया जाता है कि जिले में कुल 250 पारा शिक्षकों को हटाने की प्रक्रिया
शुरू की जाएगी। सरकार ने 2008 में ही पारा शिक्षकों की नियुक्ति पर रोक लगा
दी थी। लेकिन इसके बाद भी कई जिलों में बड़ी संख्या में नियुक्ति की गई।
शिक्षा सचिव ने कहा कि अब बड़े जिलों में ही डीईओ और डीएसई दोनों होंगे।
जबकि छोटे जिलों में इनमें से कोई एक पदाधिकारी ही होगा। उन्होंने कहा कि
समग्र शिक्षा अभियान के तहत बड़े जिले में पदस्थापित डीईओ व डीएसई में से
अब जिला प्रोग्राम ऑफिसर डीईओ होंगे। जबकि डीएसई सहायक प्रोग्राम ऑफिसर
कहलाएंगे।
सभी मॉडल विद्यालय होंगे आवासीय
शिक्षा सचिव ने कहा कि अभी जो प्रखंडवार मॉडल विद्यालय बनाए गए
हैं, उसे संगठित कर आवासीय मॉडल विद्यालय में तब्दील किया जाएगा। इसके तहत
एक जिले में दो से तीन मॉडल विद्यालय ही होंगे, जो पूरी तरह से आवासीय
होंगे। इसके साथ ही लड़कों के लिए अलग व लड़कियों के लिए अलग मॉडल विद्यालय
बनाया जाएगा।
गलतियों को सुधारें, नहीं तो होगी कार्रवाई
शिक्षा सचिव ने डीईआे व डीएसई को चेतावनी देते हुए कहा कि अभी तक
यू डायस फॉर्म में कई प्रकार की गलतियां देखने को मिल रही हैं। डीईओ और
डीएसई उसमें जल्द से जल्द सुधार करें। अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की
जाएगी।
पारा
शिक्षकों को हटाने से संबंधित शिक्षा सचिव द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के
माध्यम से बैठक कर दिया गया है। जल्द इस दिशा में कार्रवाई की जाएगी। अशोक
कुमार सिन्हा, एडीपीअाे