समान काम के बदले समान वेतन समेत पांच सूत्री मांगों को लेकर सूबेभर के
हजारों पारा शिक्षक रांची पहुंचे हैं. रांची में पारा शिक्षकों ने
मुख्यमंत्री आवास को घेरने की कोशिश की है, लेकिन पुलिस ने उन्हें
मोरहाबादी मैदान के पास ही रोक दिया है. पारा शिक्षकों के प्रदर्शन को
देखते हुए सीएम आवास की सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी गई है.
पारा शिक्षकों की पदयात्रा पांच प्रमंडलों, उत्तरी छोटानागपुर में कोडरमा,
दक्षिणी छोटानागपुर में गुमला, पलामू प्रमंडल में मेदिनीनगर, संथाल परगना
में देवघर और कोल्हान प्रमंडल में जमशेदपुर से शुरू हुई और रांची पहुंची
है. इसमें राज्य भर के 70 हजार पारा शिक्षक शामिल हुए हैं. अपनी मांगों के
समर्थन में पारा शिक्षक एक मई को भूख हड़ताल करेंगे. उससे पहले 23 से लेकर
30 अप्रैल तक इनका रांची में प्रदर्शन जारी रहेगा.
पारा शिक्षकों के नेता संजय दूबे ने बताया कि सरकार उनकी पांच मांगों पर
अबतक कोई पहल नहीं की. इसमें सेवा नियमित करना, समान काम के बदले समान
वेतन, विद्यालयों के मर्ज को रोकना, पारा शिक्षकों को ईपीएफ का लाभ, डीएलए
की राशि को वापस करने और टेट पास अभ्यर्थियों की सीधी नियुक्ति की मांग
शामिल हैं. सरकार की बेरूखी के खिलाफ पदयात्रा निकाली गई.
मोर्चा ने कहा कि पारा शिक्षक वर्ष 2004 से लंबित मांगों को लेकर संघर्ष कर
रहे हैं और इसी क्रम में राज्य के 81 विधायकों, 14 सांसदों और सीएम के नाम
बीते फरवरी में मांग पत्र सौंपा गया था. 10 मार्च को शिक्षामंत्री के आवास
का घेराव किया गया. उसके बाद दो दिनों में सीएम से वार्ता कराने का
आश्वासन दिया गया था, लेकिन आज तक सीएम से बातचीत नहीं हुई. यह साफ बताता
है कि पारा शिक्षकों की समस्याओं को लेकर सरकार गंभीर नहीं है.