भास्कर न्यूज | झरिया/बलियापुर सरकार की तानाशाही नीति एवं विद्यालय विलय की तुगल फरमान के खिलाफ
शनिवार को झरिया अंचल कार्यालय पर एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा और
बलियापुर प्रखंड कार्यालय पर पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने एक दिवसीय धरना
दिया।
पांच सूत्री मांग पत्र बलियापुर में बीडीओ और झरिया में सीओ को सौंपा
गया। मौके पर वक्ताओं ने कहा कि विद्यालय विलय होने से विद्यालय के पारा
शिक्षकों व रसोईया के भविष्य चौपट होंगे। वहीं दूसरी ओर सरकार द्वारा लाखों
रुपए खर्च कर बनाया गया विद्यालय भवन खंडहर में तब्दील हो जाएगा।
वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा में भी पूंजीपति वर्ग एवं गरीब वर्ग बंट गया
है। पूंजीपति वर्ग के बच्चे निजी विद्यालय में पढ़ते हैं, जबकि गरीब के
बच्चे सरकारी स्कूल में पढ़ाई करते हैं। सरकारी विद्यालय में मानदेय पर
पढ़ाने वाले पारा शिक्षक का मानसिक व शारीरिक रूप से शोषण किया जाता है।
समान काम के समान वेतन के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का भी अनुपालन सरकार
नहीं कर रही है। कार्यक्रम के बाद 5 सूत्री मांग पत्र बीडीओ को सौंपा गया।
कार्यक्रम को बलियापुर में आजसू के जिलाध्यक्ष मंटू महतो, मुखिया संघ के
जिलाध्यक्ष संजय कुमार महतो, रफीक अंसारी, पारा शिक्षक जन्मजंय महतो, दिलीप
गोप, उत्पल चौबे, आनंदमान स्वर्णकार आदि ने संबोधित किया। वहीं झरिया अंचल
कार्यालय में प्रभात पासवान, राजकुमार यादव, उमेश महतो, संजय प्रजापति,
दीपक कुमार, राधा नंद रवानी, रामाशंकर सिंह, संजय कुमार महतो, रवि कुमार
सहित दर्जनों की संख्या में लोगों ने संबोधित किया।